सीएम धामी ने आईटीबीपी के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान -2025’ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 सीएम धामी ने आईटीबीपी के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान -2025’ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है अटल – सीएम धामी आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश होते हुए लद्दाख तक लगभग 1032 किलोमीटर

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है अटल – सीएम धामी

आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश होते हुए लद्दाख तक लगभग 1032 किलोमीटर की कठिन करेगा यात्रा

यह अभियान सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की निगरानी करेगा सुनिश्चित , साथ ही धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान और स्थानीय परंपराओं को भी प्रोत्साहित करेगा- सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शासकीय आवाज में भारत – तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा आयोजित सीमांत स्तरीय ट्रैकिंग अभियान ‘हिमाद्रि- 2025’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में आईटीबीपी के 47 सदस्य उत्तराखंड, हिमाचल और लद्दाख के दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों की पदयात्रा कर न केवल क्षेत्र की लोक संस्कृति, जीवन शैली और पर्यावरणीय विविधता से निकट से परिचित परिचित होंगे , बल्कि वर्षों से बंद पड़े ट्रैकिंग रूटों को फिर से सक्रिय करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

इस अवसर पर सर्वप्रथम सीएम धामी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। विमान दुर्घटना में दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया।

इस अवसर पर सीएम धामी ने आईटीबीपी के वीर जवानों, अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल साहस और संकल्प का प्रतीक है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सामरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है । उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश होते हुए लद्दाख तक लगभग 1032 किलोमीटर की कठिन यात्रा करेगा। यह अभियान न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के निगरानी सुनिश्चित करेगा, बल्कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के पहचान तथा स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि वीर भूमि उत्तराखंड में सबसे बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा करने वाले वीर जवान देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत- तिब्बत सीमा पुलिस बल वर्ष 1962 से लगातार सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आपदाओं के समय में भी राहत व बचाव कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों की सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि , ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़कर 50 लाख कर दिया गया है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली धनराशि में भी वृद्धि की गई है और बलिदानियों के आश्रितों की सरकारी नौकरी में समायोजन की अवधि को 2 वर्ष से बढ़कर 5 वर्ष कर दिया गया है । वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा, संपत्ति की खरीद पर स्टांप ड्यूटी में छूट और बेटियों के विवाह हेतु विशेष अनुदान जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही है।

इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी श्री संजय गुंजयाल ने कहा कि हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान के तहत आईटीबीपी का दल कुल 1032 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसमें दल 27 घाटिया और 27 दरों को पार करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही वाइब्रेट विलेज क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रैकिंग रूप में कुल 84 वाइब्रेट विलेज आएंगे। इस दौरान अभियान दल द्वारा स्थानीय लोगों को 3.5 लाख फलदार पौधे भी वितरित किए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, आईजी आईटीबीपी गिरीश चंद्र उपाध्याय एवं आईटीबीपी के जवान उपस्थित रहे।

 

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