स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उत्तराखंड के शहरों की शानदार उपलब्धि देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर ने राष्ट्रीय रैंकिंग में दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति उत्तराखंड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह सर्वेक्षण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा
- स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उत्तराखंड के शहरों की शानदार उपलब्धि
- देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर ने राष्ट्रीय रैंकिंग में दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति
उत्तराखंड ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह सर्वेक्षण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत आयोजित किया गया था। राज्य के तीन प्रमुख शहर — देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर — ने अपनी रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है, जो राज्य में वायु गुणवत्ता प्रबंधन की बढ़ती सफलताओं को दर्शाता है।
इस वर्ष के सर्वेक्षण में, देहरादून ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2024 में 37वें स्थान से 2025 में 19वें स्थान पर छलांग लगाई है। ऋषिकेश ने भी बेहतरीन प्रगति करते हुए पिछले वर्ष के 31वें स्थान से बढ़कर 2025 में 14वां स्थान हासिल किया है। वहीं, काशीपुर ने भी स्थिर प्रदर्शन दिखाते हुए 2024 के 19वें स्थान से 2025 में 18वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष रमेश कुमार सुधांशु ने इस उपलब्धि का श्रेय शहरी स्थानीय निकायों, उद्योगों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों को दिया। इस सफलता में योगदान देने वाले प्रमुख कदमों में शामिल हैं —
• यांत्रिक सड़क सफाई के माध्यम से धूल नियंत्रण
• ठोस अपशिष्ट एवं निर्माण मलबा प्रबंधन
• हरित पट्टी विकास
• उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग
• स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली
• जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये परिणाम राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के लक्ष्य “सभी के लिए स्वच्छ वायु” के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हरीतिमा बढ़ाने, रीयल-टाइम निगरानी प्रणालियों को सुदृढ़ करने, जन सहभागिता को प्रोत्साहित करने और नवाचार तकनीकों को अपनाने के माध्यम से वायु गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाया जाए।
देहरादून 37वें से छलांग लगाकर 19वां स्थान
लक्ष्य आने वाले वर्षों में और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नवाचार एवं जनसहभागिता से वायु गुणवत्ता में सुधार।











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