जनस्वास्थ्य सर्वोपरि, खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क : डॉ. आर. राजेश कुमार।

जनस्वास्थ्य सर्वोपरि, खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क : डॉ. आर. राजेश कुमार।

देहरादून:  आगामी क्रिसमस एवं नववर्ष के अवसर पर आमजन को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य एवं खाद्य संरक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन

देहरादून: 

आगामी क्रिसमस एवं नववर्ष के अवसर पर आमजन को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य एवं खाद्य संरक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है।

त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मिलावट, घटिया गुणवत्ता तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण एवं विक्रय पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। इस विशेष अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम–2006 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, कैफे, बेकरी, डेयरी, मिष्ठान भंडार, फूड कोर्ट, स्ट्रीट फूड जोन तथा तैयार खाद्य पदार्थों की निर्माण इकाइयों में नियमित एवं औचक निरीक्षण किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े सभी हितधारकों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना भी है।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि त्योहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर खाद्य पदार्थों को चिन्हित किया गया है। इनमें मिठाइयाँ, नमकीन, बेकरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, डेयरी उत्पाद, साइड डिशेज, डेजर्ट्स एवं तैयार भोजन शामिल हैं। गुलाब जामुन, जलेबी, खीर, समोसा, बिरयानी, रोस्ट चिकन, पिज्जा, केक, पेस्ट्री, प्लम केक, कुकीज, चॉकलेट तथा क्रिसमस पुडिंग जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान कनिष्ठ से लेकर वरिष्ठ स्तर तक सभी अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता से संचालित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप निगरानी व्यवस्था विकसित की गई है। जनपद स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो निर्माण इकाइयों से लेकर थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तक की संपूर्ण श्रृंखला की जांच करेंगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम–2011 तथा संबंधित विनियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

अपर आयुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की भागीदारी को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। विभागीय पोर्टल एवं टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेकर जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को एफएसएसएआई एवं राज्य स्तर पर निर्धारित विधिक एवं सर्विलांस लक्ष्यों के अंतर्गत परीक्षण हेतु भेजा जाएगा।

शुद्ध भोजन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता : डॉ. आर. राजेश कुमार

आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारी मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आमजन को केवल शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अपमिश्रण एवं घटिया खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए बिक्री स्थलों के साथ-साथ निर्माण इकाइयों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। सभी जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिकता वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा का एक सशक्त माध्यम है। अभियान के अंतर्गत की गई प्रत्येक कार्रवाई की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। विभाग का लक्ष्य है कि त्योहारी उल्लास के साथ-साथ नागरिकों को खाद्य सुरक्षा का पूर्ण भरोसा भी मिले।

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