चमोली। उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव में गुरुवार को पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। भूस्खलन के बाद गांव में दहशत का माहौल है
चमोली।
उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव में गुरुवार को पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। भूस्खलन के बाद गांव में दहशत का माहौल है और प्रभावित परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश से पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह कमजोर हो चुकी है, जिससे बार-बार भूस्खलन हो रहा है। मलबा कई मकानों तक पहुंच गया है और गांव के मंदिर की भोग मंडी तथा सुरक्षा दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि किमाना गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा और पानी का बहाव हुआ है। इससे फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र से दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि राजस्व और प्रशासनिक टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं।
लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। मंगरोली के पास पहाड़ी से विशाल बोल्डर गिरने के कारण नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग बंद हो गया है, जबकि विशाल तिराहे के समीप हुए भूस्खलन से पोखरी–गोपेश्वर मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप हो गया है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर तैनात कर दी गई हैं, जबकि किमाना गांव में राहत एवं निगरानी कार्य लगातार जारी है।












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