UKD ने आशुतोष नेगी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निकाला

UKD ने आशुतोष नेगी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निकाला

केंद्रीय अनुशासन समिति ने प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल निलंबित की देहरादून, 29 अगस्त 2026। उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय अनुशासन समिति ने आशुतोष नेगी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आदेश 27 अगस्त 2026 का है और उस पर समिति अध्यक्ष राकेश

केंद्रीय अनुशासन समिति ने प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल निलंबित की

देहरादून, 29 अगस्त 2026। उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय अनुशासन समिति ने आशुतोष नेगी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आदेश 27 अगस्त 2026 का है और उस पर समिति अध्यक्ष राकेश सेमवाल के हस्ताक्षर हैं।

पत्र पौड़ी गढ़वाल के सर्किट हाउस पते पर श्री नेगी को संबोधित है। समिति का आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर अनर्गल, भ्रामक तथा तथ्यहीन बयानबाजी कर दल की छवि और संगठनात्मक गरिमा को नुकसान पहुँचाया। 9 जुलाई 2026 को नोटिस जारी हुआ था, जिसके जवाब में 17 जुलाई को खेद व्यक्त किया गया। इसके बावजूद वरिष्ठ साथियों और शीर्ष नेतृत्व के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान जारी रहने का आरोप लगाया गया है।

पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय कार्यालय में केंद्रीय अध्यक्ष के संबंध में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने के बाद उन्हें पद से मुक्त किया जा चुका था। उस समय भी दल की मर्यादा और सोशल मीडिया पर छवि न बिगाड़ने का आग्रह किया गया था। समिति के अनुसार श्री नेगी ने 2024 में प्राथमिक सदस्यता ली थी। दल ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर दिया और केंद्रीय उपाध्यक्ष जैसा दायित्व भी सौंपा।

22 अगस्त 2026 को स्पष्टीकरण और आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण माँगे गए थे, ताकि यदि कोई व्यक्ति दोषी या दल-विरोधी गतिविधि में संलिप्त मिले तो कार्रवाई हो सके। समिति का कहना है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं आया और व्यवहार में सुधार भी नहीं दिखा। पत्र में यह भी लिखा गया है कि आगामी चुनाव के लिए इच्छुक सदस्यों से आवेदन माँगे गए थे, पर श्री नेगी ने औपचारिक आवेदन नहीं दिया। उन्होंने रायपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की बात कही थी और शीर्ष नेतृत्व की ओर से सकारात्मक संकेत भी बताया गया, फिर भी क्षेत्र में संगठनात्मक कार्य के बजाय दल-विरोधी गतिविधियाँ चलने का आरोप है।

समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि चुनावी वर्ष में विरोधी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर उत्तराखंड क्रांति दल को नुकसान पहुँचाने का षड्यंत्र प्रतीत होता है। इसी आधार पर छह वर्ष का निष्कासन और सदस्यता निलंबन किया गया है। आदेश में निर्देश है कि निष्कासन अवधि में दल के नाम, झंडे, चुनाव चिन्ह या अधिकृत प्रतीक का उपयोग न किया जाए और स्वयं को अधिकृत पदाधिकारी या प्रतिनिधि न बताया जाए। उल्लंघन पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आदेश तत्काल लागू है। प्रतिलिपि केंद्रीय अध्यक्ष को सूचना हेतु भेजी गई है।

Action Today24x7
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts