देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज और वरिष्ठ नेता अरविंद मेनन को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज और वरिष्ठ नेता अरविंद मेनन को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई नियुक्तियां भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर किए गए व्यापक संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा हैं।
राम माधव इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में 2014 से 2020 तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका रही। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अब उत्तराखंड के साथ उन्हें तमिलनाडु का प्रभारी भी बनाया गया है।
उत्तराखंड में प्रभारी की जिम्मेदारी में हुए बदलाव के साथ ही पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम की भूमिका समाप्त हो गई है। वहीं पहले सह-प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहीं रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश में सह-प्रभारी बनाया गया है। बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को उत्तराखंड की नई टीम में शामिल किया गया है।
भाजपा ने इसी संगठनात्मक बदलाव के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया और संचार से जुड़ी जिम्मेदारियों में भी परिवर्तन किया है। सांसद अनिल बलूनी को पार्टी के संचार विभाग के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके दायरे में मीडिया और सोशल मीडिया से संबंधित कार्य शामिल हैं। आशीष उषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा का यह संगठनात्मक पुनर्गठन ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव नजदीक है। पार्टी के नए प्रभारी और सह-प्रभारियों के सामने राज्य संगठन के साथ समन्वय, आगामी चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि इन नियुक्तियों के राजनीतिक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के दौरान ही किया जा सकेगा।














Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *