कोटद्वार में अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप में दीपक उर्फ अक्की गिरफ्तार

कोटद्वार में अभद्रता और जान से मारने की धमकी के आरोप में दीपक उर्फ अक्की गिरफ्तार

सीसीटीवी फुटेज में गाली-गलौज के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने का पुलिस का दावा, शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर बीएनएसएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दीपक उर्फ अक्की उर्फ मोहम्मद दीपक को गिरफ्तार किया

सीसीटीवी फुटेज में गाली-गलौज के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने का पुलिस का दावा, शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर बीएनएसएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई

कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दीपक उर्फ अक्की उर्फ मोहम्मद दीपक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में तनाव बढ़ने और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को संजीव टोंक की शिकायत पर कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा संख्या 240/2026 दर्ज किया गया था। इस मामले में शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में विवेचना के दौरान इसमें धारा 196 और 115 भी जोड़ दी गईं।

सीसीटीवी फुटेज में गाली-गलौज के साक्ष्य मिलने का दावा

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, फोटो और वीडियो की जांच की। पुलिस का दावा है कि फुटेज में आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज और धमकी दिए जाने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पूर्व गतिविधियों और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बनने की आशंका को ध्यान में रखते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से की गई।

शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

पौड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित करने, धमकी देने या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपी के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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