देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हवाई हादसा सामने आया है। बदरीनाथ धाम से देहरादून आ रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ घाटी के ऊपर अचानक लापता हो गया। हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने के साथ ही उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर गया। कुछ देर बाद हेलीकॉप्टर
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हवाई हादसा सामने आया है। बदरीनाथ धाम से देहरादून आ रहा ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ घाटी के ऊपर अचानक लापता हो गया। हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने के साथ ही उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर गया। कुछ देर बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि, सभी की मौत की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) की 30 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हेलीकॉप्टर VT-HCX ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी। ज्योतिर्मठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम ने भी उसकी लोकेशन बताना बंद कर दिया।
पायलट समेत छह लोग थे सवार
हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) समेत कुल छह लोग सवार थे। पायलट दिल्ली के रहने वाले थे। वहीं, हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री कर्नाटक के निवासी बताए गए हैं। यात्रियों की पहचान प्रथापा (41), अरुण (44), वीपी शंकर गौड़ा (39), सुधीर के (50) और एचएस नटराज (51) के रूप में हुई है।
सेना, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
हेलीकॉप्टर के लापता होने की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तत्काल तलाशी एवं बचाव अभियान में जुट गईं। जेपी डैम साइट के ऊपर आग की लपटों जैसी वस्तु दिखाई देने की सूचना भी सामने आई थी। इसके बाद हादसे की आशंका और गहरा गई।
एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई है।
खराब मौसम के बीच उड़ान पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद हेलीकॉप्टर संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को क्षेत्र में बारिश और खराब मौसम की स्थिति थी तथा मौसम विभाग की ओर से चेतावनी भी जारी की गई थी। इसके बावजूद हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। ऐसे में यह जांच का विषय होगा कि खराब मौसम के बीच उड़ान की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता है। दुर्घटना में छह लोगों की मौत की खबर सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
















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