उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री प्रतिबंधित, बदरी-केदार मंदिर समिति का निर्णय

उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री प्रतिबंधित, बदरी-केदार मंदिर समिति का निर्णय

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले एक बड़ा फैसला लिया गया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम समेत अपने अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला देहरादून में हुई समिति की बजट

देहरादून:

उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले एक बड़ा फैसला लिया गया है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम समेत अपने अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला देहरादून में हुई समिति की बजट बैठक में लिया गया।

बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 121.7 करोड़ रुपये का बजट भी पारित किया गया। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

चारधाम यात्रा से पहले बड़ा निर्णय

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के पंजीकरण की प्रक्रिया मार्च से शुरू हो चुकी है। शासन और प्रशासन की ओर से यात्रा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इसी बीच बदरी-केदार मंदिर समिति ने फैसला लिया है कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के गर्भगृह और मंदिर परिसर में गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध समिति के अधीन आने वाले अन्य मंदिरों में भी लागू होगा।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस तरह की मांग उठ रही थी। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म में आस्था रखते हैं, उनका मंदिरों में स्वागत है, लेकिन जो सनातन धर्म को नहीं मानते, उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला मंदिरों की पौराणिक परंपरा और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए लिया गया है।

मंदिर परिसर तक ही रहेगा प्रतिबंध

समिति ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल मंदिर के गर्भगृह और परिसर तक लागू होगा। डोली, कंडी और घोड़ा-खच्चर सेवा से जुड़े लोग, जिनमें अन्य धर्मों के लोग भी शामिल हैं, वे मंदिर परिसर के बाहर तक आ सकेंगे। इससे उनके रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इन 47 मंदिरों में लागू होगा प्रतिबंध

समिति के अधीन आने वाले प्रमुख मंदिरों में बदरीनाथकेदारनाथत्रियुगीनारायणनरसिंह मंदिरओंकारेश्वर मंदिरकालीमठ मंदिरमद्महेश्वरतुंगनाथरुद्रनाथकल्पेश्वरयोगध्यान बदरीभविष्य बदरीआदि बदरीवृद्ध बदरी और माता मूर्ति मंदिर समेत कुल 47 मंदिर शामिल हैं।

पहले भी उठ चुका है मुद्दा

इससे पहले हरिद्वार की गंगा सभा ने हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी और वहां इस संबंध में बोर्ड भी लगाए गए थे। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस छिड़ गई थी।

मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

कुछ राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल भी उठाए थे। वहीं कुछ धार्मिक नेताओं ने इसे मंदिरों की परंपरा और धार्मिक व्यवस्था का विषय बताते हुए समर्थन किया था।

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