साइबर फ्रॉड हमारे सिस्टम के लिए नई चुनौती बन रहा है। यह ऐसे अपराधी हैं, जो कहीं दूर बैठकर अपनी करतूत को अंजाम दे रहे हैं। उत्तराखंड के रानीखेत की एक रिटायर्ड शिक्षिका को भी साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाया। उन्हें फर्जी सीबीआई
साइबर फ्रॉड हमारे सिस्टम के लिए नई चुनौती बन रहा है। यह ऐसे अपराधी हैं, जो कहीं दूर बैठकर अपनी करतूत को अंजाम दे रहे हैं। उत्तराखंड के रानीखेत की एक रिटायर्ड शिक्षिका को भी साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाया। उन्हें फर्जी सीबीआई अफसर बनकर डराया, घर में डिजिटल अरेस्ट किया और उनके खाते से 50 लाख रुपये हड़प लिए। अपने जीवनभर की कमाई लुटाने के बाद शिक्षिका सिराज ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रानीखेत (बाजार) निवासी रिटायर्ड शिक्षिका सिराज ने साइबर थाने में दी गई तहरीर में कहा कि 19 जून को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नंबर से अश्लील फोटो वायरल किए गए हैं। इस संबंध में उनकी शिकायत की गई है। उसने इस झंझट से बचने के लिए कहा कि एक अन्य मोबाइल नंबर 8126776101 से काल आएगी तो रिसीव कर लेना। इसके बाद इसी नंबर से वीडियो काल आई।
वीडियो कॉल पर दिख रहे व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। उसने कहा कि उनके नंबर से एक फ्राड किया गया है। साथ ही बात जारी रखते हुए कहा कि अब सीबीआई से व्हाट्सएप कॉल आएगी। थोड़ी ही देर बाद 9101632505, 8763852907 से सीबीआई का लोगो व नाम से व्हाट्सएप मैसेज व वीडियो काल आई। कॉल पर दिख रहे व्यक्ति ने पूछताछ शुरू कर दी। उसने नाम, पता, बैंक खाते, गहने, जमीन आदि के बारे में पूछा। कहा कि अब डीएसपी साहब बात करेंगे। वीडियो काल पर पुलिस वर्दी पहना एक व्यक्ति था।
उसी दौरान रिटायर्ड शिक्षिका की भांजी भी उन्हें वीडियो कॉल पर दिखाई दी तो उसे भी कॉल पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया। साथ ही कहा कि 02 घंटे के अंदर मुंबई पुलिस स्टेशन पहुंचना होगा। वरना वह अरेस्ट कर ली जाएंगी। इससे वह घबरा गेन और उनके द्वारा किए गए अपराध के बारे में पूछा तो साइबर ठगों (फर्जी सीबीआई) ने बताया कि उन्हें ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी नरेश गोयल के गैंग में शामिल होना पाया गया है। केनरा बैंक में उससे मिलकर खाता खोलने और बड़ा ट्रांजेक्शन करने का आरोप लगाया गया।
आरोपियों ने पीड़िता के बुजुर्ग होने की बात कहकर वीडियो काल पर ही सुनवाई की बात कही और कहा संतुष्ट होने पर क्लीयरेंस देंगे। इस बीच ठगों ने फर्जी एफआइआर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी फर्जी अरेस्ट आर्डर, फ्रीज आर्डर आदि दस्तावेज भेजे। जिस पर भरोसा करने के बाद ठगों ने 24 से 72 घंटे कॉल पर बने रहने और पूछताछ में सहयोग की बात कही। इस दौरान घटना के बारे में किसी को न बताने को भी कहा गया। ठगों ने शिक्षिका को झांसे में लेने के बाद 50 लाख रुपये बताए खाते में भेजने और उसका स्क्रीनशाट व्हाट्सएप पर भेजने को कहा गया।
कहा कि सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी। जिसके बाद शिक्षिका ने 50 लाख रुपये रानीखेत के एसबीआइ खाते से बताए गए खाते में आरटीजीएस कर दिए। इस पूरी घटना में वीडियो कॉल चालू थी। थोड़ा शक होने पर जब ट्रूकॉलर पर नंबरों की जांच की तो वहां फ्राड प्रदर्शित हुआ। लेकिन, तब तक खाते से 50 लाख साफ हो चुके थे। अब शिक्षिका को धोखाधड़ी का अहसास हो चुका था। साइबर थाना प्रभारी अरुण चौहान ने बताया कि मामले की जांच और कार्रवाई को पुलिस टीम गठित की गई है।











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