सीएम धामी की मुलाकात के बाद उत्तराखंड में 2,708 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट को गति

सीएम धामी की मुलाकात के बाद उत्तराखंड में 2,708 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट को गति

PMGSY-IV के तहत 315 मोटर मार्गों और 32 सेतुओं के निर्माण पर बनी सहमति, 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य; 213 अतिरिक्त सड़क प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन नई दिल्ली। उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों को बेहतर आवागमन

PMGSY-IV के तहत 315 मोटर मार्गों और 32 सेतुओं के निर्माण पर बनी सहमति, 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य; 213 अतिरिक्त सड़क प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन

नई दिल्ली। उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों को बेहतर आवागमन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत राज्य में प्रस्तावित सड़क एवं सेतु निर्माण कार्यों की स्वीकृति को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के अंतर्गत 2,708 करोड़ रुपये की लागत वाले सड़क एवं सेतु निर्माण प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने की दिशा में सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की चुनौतियों और ग्रामीण आबादी की आवश्यकताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सेवाओं से जोड़ा जाए।

315 मोटर मार्गों और 32 सेतुओं का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत उत्तराखंड में 315 मोटर मार्गों के निर्माण के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। इन मार्गों की कुल लंबाई 1,777 किलोमीटर है, जिनके निर्माण पर 2,526 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रस्ताव है।

इसके अतिरिक्त, इन परियोजनाओं के अंतर्गत 32 सेतुओं के निर्माण के लिए 182 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। इस प्रकार सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित प्रस्तावों की कुल लागत 2,708 करोड़ रुपये है।

बैठक में इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक सहमति बनी। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार होगा और लंबे समय से बेहतर संपर्क सुविधा की आवश्यकता महसूस कर रहे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

610 बसावटों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य

प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विकास की आधारशिला भी हैं। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति को मजबूत करने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

213 अतिरिक्त सड़क प्रस्तावों पर भी होगी विचार प्रक्रिया

बैठक में उत्तराखंड के 213 अतिरिक्त सड़क निर्माण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इन प्रस्तावों की कुल लंबाई 1,360 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष राज्य की जरूरतों को रखते हुए इन मार्गों के निर्माण के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन अतिरिक्त प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन दिया। इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय होने से प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अनेक गांव प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, कृषि और स्थानीय उत्पादों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बेहतर सड़क संपर्क से इन क्षेत्रों की संभावनाओं को विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा उपलब्ध होने से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। सड़क नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सड़क एवं सेतु निर्माण प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाने और शीघ्र स्वीकृति की दिशा में सहयोग का आश्वासन देने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में आधारभूत सुविधाओं के विकास को लगातार गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित सड़क एवं सेतु परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, दूरस्थ बसावटों तक पहुंच आसान बनेगी और प्रदेश के समावेशी विकास को नई गति मिलेगी।

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