चारधाम यात्रा 2026: बिना फिटनेस और रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगे घोड़े-खच्चर, सरकार ने कसी कमर

चारधाम यात्रा 2026: बिना फिटनेस और रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगे घोड़े-खच्चर, सरकार ने कसी कमर

चारधाम यात्रा में घोड़े-खच्चरों के लिए नई गाइडलाइन: जानें वजन, संख्या और स्वास्थ्य से जुड़े नए नियम देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने और पशु क्रूरता पर लगाम लगाने के लिए धामी सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है।

चारधाम यात्रा में घोड़े-खच्चरों के लिए नई गाइडलाइन: जानें वजन, संख्या और स्वास्थ्य से जुड़े नए नियम

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने और पशु क्रूरता पर लगाम लगाने के लिए धामी सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद तैयार की गई इस SOP में यात्रियों की सुरक्षा और पशुओं के कल्याण के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

90 किलो से ज्यादा वजन? तो नहीं मिलेगी सवारी

नई SOP के तहत वजन को लेकर सबसे सख्त नियम बनाया गया है। अब 300 किलो से अधिक वजन वाले घोड़े-खच्चर पर अधिकतम 90 किलोग्राम तक का भार (यात्री या सामान) ही ले जाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि 90 किलो से अधिक वजन वाले श्रद्धालुओं को अब पैदल या अन्य विकल्पों के जरिए यात्रा करनी होगी। वहीं, 300 किलो से कम वजन वाले पशुओं पर भार की सीमा 50 किलो तय की गई है।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में संख्या हुई सीमित

यात्रा मार्गों पर भीड़ कम करने के लिए पशुओं की संख्या फिक्स कर दी गई है:

केदारनाथ धाम: अधिकतम 5,000 पशु (4000 यात्रियों के लिए, 1000 सामान के लिए)।

हेमकुंड साहिब: अधिकतम 1,050 पशु (प्रति किलोमीटर केवल 70 पशु)।यमुनोत्री धाम: अधिकतम 595 पशुओं की सीमा।

स्वास्थ्य जांच अब और भी जरूरी

अब घोड़े-खच्चरों का केवल रजिस्ट्रेशन काफी नहीं होगा, बल्कि:

पंजीकरण से पहले ब्लड टेस्ट अनिवार्य होगा।

मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट की वैधता केवल 45 दिन होगी। यानी हर डेढ़ महीने में दोबारा जांच करानी होगी।

यात्रा मार्ग पर पशुओं के लिए गुनगुने पानी, उचित भोजन और आराम की व्यवस्था मालिक को ही करनी होगी।

नियम तोड़े तो होंगे ‘ब्लैकलिस्ट’

प्रशासन ने नियमों के पालन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है।

समय सीमा: सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।

क्रूरता पर एक्शन: पशु के साथ लापरवाही होने पर संचालक को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और कानूनी मुकदमा दर्ज होगा।

वीडियो रिकॉर्डिंग: यदि मार्ग पर किसी पशु की मृत्यु होती है, तो उसके पोस्टमार्टम की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी।

 सरकार का दावा है कि इन 40 बिंदुओं वाली SOP से केदारनाथ सहित सभी धामों में अव्यवस्था कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित व मानवीय बनेगी।

Action Today24x7
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts