देहरादून–मसूरी के नागरिकों ने केंद्र से की एलिवेटेड रोड पर रोक की अपील

देहरादून–मसूरी के नागरिकों ने केंद्र से की एलिवेटेड रोड पर रोक की अपील

देहरादून और मसूरी के करीब डेढ़ सौ नागरिकों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर देहरादून और मसूरी के नागरिकों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े

देहरादून और मसूरी के करीब डेढ़ सौ नागरिकों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र

देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर देहरादून और मसूरी के नागरिकों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों, विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस परियोजना के खिलाफ एक संयुक्त पत्र भेजते हुए इसे शहर के लिए अव्यवहारिक और दीर्घकालिक रूप से नुकसानदेह बताया है।

कम्प्रिहेन्सिव मोबिलिटी प्लान का दिया हवाला

नागरिकों ने अपने पत्र में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा तैयार कम्प्रिहेन्सिव मोबिलिटी प्लान-2024 का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इस योजना में एलिवेटेड रोड की बजाय इलेक्ट्रिक बसों, रोपवे, मौजूदा सड़कों के बेहतर उपयोग, पैदल-अनुकूल ज़ोन और हरित परिवहन को प्राथमिकता दी गई है।

नागरिकों का मानना है कि यही मॉडल देहरादून को सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल शहर बना सकता है।

ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी हल

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एलिवेटेड रोड से देहरादून की स्थानीय ट्रैफिक समस्या का समाधान संभव नहीं है। मसूरी डायवर्जन पर यह कॉरिडोर एक बड़े बॉटलनेक के रूप में उभरेगा, जिससे वहां भारी जाम लगने की आशंका है।

नागरिकों के अनुसार घंटाघर, सचिवालय, दून अस्पताल, कचहरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को इस परियोजना से कोई खास राहत नहीं मिलेगी।

चौराहों की स्थिति जस की तस रहने की आशंका

नागरिकों ने यह भी चेताया कि सहारनपुर चौक, बल्लीवाला, बल्लूपुर, दर्शन लाल चौक, सर्वे चौक और आराघर जैसे प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक की स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं होगा। उनका कहना है कि समस्या सड़क के ऊपर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर बेहतर प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन के अभाव में है।

एलिवेटेड रोड नहीं, ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर की जरूरत

नागरिकों का सुझाव है कि देहरादून को एलिवेटेड रोड की बजाय एक ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर की आवश्यकता है।

इसमें नदियों का संरक्षण, पैदल पथ, समर्पित बस लेन, साइकिल ट्रैक और हरित पट्टियों का विकास शामिल होना चाहिए, जिससे शहर का पर्यावरण और जीवन गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकें।

केंद्र सरकार से परियोजना पर पुनर्विचार की मांग

पत्र के अंत में हस्ताक्षरकर्ताओं ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस परियोजना पर पुनर्विचार करे और देहरादून के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए कोई भी निर्णय ले।

इस पत्र पर देहरादून से अनूप नौटियाल, अनीश लाल, भारती जैन, जगमोहन मेहंदीरत्ता, रमना कुमार, रीतू चटर्जी, डॉ. उमेश कुमार, अजय दयाल, फ्लोरेंस पांधी, अभिनव थापर, डॉक्टर अरुणजीत धीर, किरण कपूर, राधा, मधुनजाली, अराधना नागरथ, राधेश लाल सहित कई लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

वहीं मसूरी से गणेश सैली, कर्नल दास, हरदीप मान, मनमोहन कर्णवाल, प्रसेनजीत सिंह रॉय, तूलिका, रश्मि, शैलेन्द्र कर्णवाल, सुनील प्रकाश, अनिल प्रकाश, विनोद कुमार अग्रवाल, तान्या बक्शी, राहुल करनवाल समेत अनेक नागरिक इस पहल में शामिल रहे।

Action Today24x7
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts