बागेश्वर: उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले में, तहसील काफलीगैर स्थित झिरौली खदान-वाले क्षेत्र में काम करने वाली झिरौली मैगनेसाइट लिमिटेड कंपनी का संचालन ठप पड़ा हुआ है। इसके कारण वहाँ काम कर रहे कर्मचारियों तथा आसपास रहने वाले परिवारों पर गंभीर आर्थिक और सामाजिक असर पड़
बागेश्वर:
उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले में, तहसील काफलीगैर स्थित झिरौली खदान-वाले क्षेत्र में काम करने वाली झिरौली मैगनेसाइट लिमिटेड कंपनी का संचालन ठप पड़ा हुआ है। इसके कारण वहाँ काम कर रहे कर्मचारियों तथा आसपास रहने वाले परिवारों पर गंभीर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। झिरौली मेगनेसाईड कंपनी प्रबंधन के तहत खनन कार्य लगभग 165.086 हेक्टेयर भूमि पर चलते थे। जनवरी 2025 में उच्च न्यायालय द्वारा खनन पर लगे प्रतिबंधों के बाद से गतिविधियाँ प्रभावित हुईं। हालांकि जिलाधिकारी बागेश्वर आंकाक्षा कोंडे की पहल के बाद हाईकोर्ट नैनीताल ने झिरौली मैगनेसाईट को खोलने कि अनुमति दे दि हैं। वेतन और रोजगार के संकट से जूझ रहे 294 स्थायी कर्मचारियों को छह महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है, साथ ही दैनिक वेतन भोगियों का रोजगार भी बाधित है। क्षेत्रीय ग्रामीण कामगार कंपनी के कर्मचारियों ने क्षेत्र पंचायत सदस्य फतेह सिंह करायत के नेतृत्व में जिलाधिकारी बागेश्वर से मजदूरों कि मजदूरी दिलाने कि मांग को तेज करते हुऐ, जिलाधिकारी बागेश्वर में प्रर्दशन किया , मजदूरों का आक्रोश बढ़ता देख 25 नवंबर तक का आश्वासन प्रंबधक योगेश शर्मा और जिला प्रशासन बागेश्वर कि और से दिया गया है।झिरोली मैगनेसाईड कंपनी में दैनिक वेतनभोगियों सहित कुल लगभग 500 से अधिक कर्मचारी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित बताए गये है। झिरौली मैगनेसाइट लिमिटेड के संचालन में आई परेशानी का असर सिर्फ एक कंपनी पर नहीं बल्कि पूरे काफलीगैर क्षेत्र के कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय समाज व्अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। समस्या का समुचित समाधान सुनिश्चित करना वर्तमान समय की आवश्यकता है।











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