चमोली टनल हादसा: सात मजदूरों की मौत, 14 घायल; 16 का सुरक्षित रेस्क्यू

चमोली टनल हादसा: सात मजदूरों की मौत, 14 घायल; 16 का सुरक्षित रेस्क्यू

मलबा और पानी भरने से निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में हुआ हादसा, सीएम धामी के निर्देश पर युद्धस्तर पर चला राहत-बचाव अभियान चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार शाम मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल

मलबा और पानी भरने से निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में हुआ हादसा, सीएम धामी के निर्देश पर युद्धस्तर पर चला राहत-बचाव अभियान

चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के मायापुर में निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में गुरुवार शाम मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायल मजदूरों को उपचार के लिए गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ समेत अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। देर रात तक टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अभियान जारी रहा। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी बचाव अभियान में जुटीं।

शाम करीब सात बजे हुआ हादसा

प्रशासन के अनुसार गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे मायापुर स्थित निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया। उस समय टनल में 20 से अधिक मजदूरों के मौजूद होने की सूचना मिली। घटना के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।

राहत एवं बचाव टीमों ने कठिन परिस्थितियों के बीच अभियान चलाकर कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

सीएम धामी ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को दिए निर्देश

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की सुरक्षित निकासी और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने दोनों राज्यों के श्रमिकों की स्थिति की जानकारी साझा करते हुए उत्तराखंड सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

सीएम धामी ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।

कई राज्यों के मजदूर हादसे की चपेट में

हादसे में प्रभावित मजदूर अलग-अलग राज्यों से बताए गए हैं। इनमें बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के श्रमिक शामिल हैं। हादसे की सूचना संबंधित राज्यों के प्रशासन को भी दी गई है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि जिला प्रशासन और राहत-बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ घटनास्थल पर काम कर रही हैं।

मृतकों के नाम

प्रशासन की ओर से उपलब्ध सूची के अनुसार मृतकों में प्रदीप सिंह पवार, मुकेश, दुल्हन शर्मा, विजय, जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल हैं।

घायलों की सूची

जारी सूची के अनुसार घायल श्रमिकों में सुनील चौहान, हाविल गुड़िया, निस्तार गिरी, विनोद रावत, दीनदयाल, रेवला राम विसारा, उदय सिंह, तिलक राज, चंदन कुमार, अवधेश, नंदलाल, रोहित पांडे, पेन सिंह समेत अन्य श्रमिक शामिल हैं। सूची में गोविंद के संबंध में सूचना प्राप्त की जा रही होने का उल्लेख है।

घटना के बाद प्रशासन ने टनल में फंसे सभी श्रमिकों की स्थिति की जानकारी जुटाने और प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर फोकस किया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के साथ ही हादसे के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

Action Today24x7
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts