प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन, विकास को मिलेगी नई रफ्तार देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति देगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी, बिहू और पुथांडु जैसे पर्वों की शुभकामनाएं दीं और देवभूमि उत्तराखंड को नमन किया।


कॉरिडोर से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह एक्सप्रेसवे राज्य के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर यात्रा को तेज, सस्ता और सुगम बनाएगा, जिससे पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और किराया व माल ढुलाई लागत भी कम होगी। साथ ही यह रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश में तेजी आई है। जहां 2014 से पहले सालाना खर्च 2 लाख करोड़ रुपये से कम था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि अकेले उत्तराखंड में ही 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा मार्ग अधिक सुलभ हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी तेजी से उभर रहा है। पर्यटन बढ़ने से होटल, ढाबा, टैक्सी और होमस्टे समेत स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
वाइल्ड लाइफ और पर्यावरण का भी ध्यान
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे में लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथी समेत अन्य वन्य जीवों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि देवभूमि के पहाड़ों और जंगलों को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक कचरे से बचें।
धार्मिक आस्था का भी उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में चारधाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ का उल्लेख किया। साथ ही पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग और मां डाट काली समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि इन पवित्र स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अपील
प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस कानून को लागू करने में सहयोग दें।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की वीर भूमि को नमन करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन समेत पूर्व सैनिकों के लिए सरकार द्वारा किए गए कई प्रयासों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकास, प्रकृति और संस्कृति का संतुलन बनाए रखा जाए।
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला है।











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