भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट, आरबीआई की नोट छापने वाली कंपनी ने जारी किया वैश्विक टेंडर

भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट, आरबीआई की नोट छापने वाली कंपनी ने जारी किया वैश्विक टेंडर

हले चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों की तैयारी, नकली नोटों पर लगेगी लगाम मुंबई। देश में जल्द ही प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट प्रचलन में आ सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नोट मुद्रण इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने प्लास्टिक नोटों की छपाई के लिए आवश्यक विशेष

हले चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों की तैयारी, नकली नोटों पर लगेगी लगाम

मुंबई। देश में जल्द ही प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट प्रचलन में आ सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नोट मुद्रण इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने प्लास्टिक नोटों की छपाई के लिए आवश्यक विशेष सामग्री की आपूर्ति हेतु वैश्विक स्तर पर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। इस पहल को भारतीय मुद्रा प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रारंभिक योजना के तहत सबसे पहले ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के प्लास्टिक नोट छापे जाने की संभावना है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलिमर सामग्री पर मुद्रित किए जा सकते हैं।

68 हजार रीम सामग्री की होगी खरीद

टेंडर के अनुसार, कुल 68 हजार रीम पॉलिमर सामग्री की खरीद की जाएगी। इसमें ₹10 और ₹20 के नोटों के लिए 34-34 हजार रीम निर्धारित की गई हैं। प्रत्येक रीम में 500 विशेष प्लास्टिक शीट होंगी, जिन पर अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स और विशेष सुरक्षा स्याही के साथ नोटों की छपाई की जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता

टेंडर प्रक्रिया में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। चीन और पाकिस्तान से किसी भी प्रकार का कच्चा माल लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, ऐसे कर्मचारियों को भी परियोजना से दूर रखा जाएगा, जिन्होंने कभी चीन या पाकिस्तान में कार्य किया हो।

भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियों के लिए केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) में पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

पशु चर्बी मुक्त सामग्री अनिवार्य

आपूर्तिकर्ता कंपनियों को परीक्षण के लिए 10 नमूना शीट उपलब्ध करानी होंगी और यह प्रमाणित करना होगा कि सामग्री में किसी भी प्रकार की पशु चर्बी अथवा डीएनए का उपयोग नहीं किया गया है।

अनुभवी कंपनियों को ही मिलेगा अवसर

टेंडर में वही कंपनियां भाग ले सकेंगी, जिनके पास किसी देश के केंद्रीय बैंक को कम से कम तीन वर्षों तक पॉलिमर नोटों की सामग्री उपलब्ध कराने का अनुभव हो। साथ ही उन्हें अपनी वित्तीय क्षमता, उत्पादन क्षमता और सुरक्षा मंजूरी से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।

प्लास्टिक नोटों के होंगे कई फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे। ये पानी से जल्दी खराब नहीं होंगे, फटने की संभावना कम होगी और इनमें उन्नत सुरक्षा फीचर्स होने के कारण नकली नोटों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। यदि यह परियोजना सफल रहती है तो भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां प्लास्टिक मुद्रा का व्यापक उपयोग किया जाता है।

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